पंचतत्वों में विलीन हुए कपूरथला के सतपाल मेहरा
- बेटों ने किया अंतिम संस्कार

कांग्रेस नेता व समाज सेवी रोटेरियन सतपाल मेहरा 18 सितम्बर 2026 को हुए थे स्वर्गवास

पिता सतपाल मेहरा का अंतिम संस्कार करते हुए बेटे सुनील मेहरा आकाश मेहरा और राजेश मेहरा

कपूरथला, 20-9-2026 (नरेन्द्र कश्यप) – रोटरी कल्ब 370 के असिस्टैंट गवर्नर और रेलवे के लाइकानिंग कांट्रेक्टर कपूरथला के मशहूर समाजसेवी श्री सतपाल मेहरा का अंतिम संस्कार लक्ष्मी नगर, कपूरथला के शिवपुरी धाम में 20 सितम्बर 2026 को किया गया। इनके तीनों बेटों सुनील मेहरा, आकाश मेहरा और राजेश मेहरा ने पिता का अंतिम संस्कार किया। उनके अंतिम संस्कार में परिवारिक रिश्तेदारों के अलावा समाज के विभिन्न वर्गों से लोग शामिल हुए। शहर की समाजिक, धार्मिक और राजनीतिक पार्टियों के सदस्य, रेलवे के अफसर, रेल कोच फैक्टरी के कई साथी, कांग्रेस पार्टी के कई नेता और रोटरी कल्ब कपूरथला के बहुत से सदस्य शामिल हुए। कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता और कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह सतपाल के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इनके अलावा कश्यप राजपूत/मेहरा समाज के कई साथी शामिल हुए। कश्यप क्रांति पत्रिका के मालिक श्री नरेन्द्र कश्यप व मुख्य संपादक श्रीमति मीनाक्षी कश्यप भी दु:ख की इस घड़ी में मेहरा परिवार के साथ शामिल हुए। दु:ख की इस घड़ी में स. बलदेव सिंह कैपसन, जंगवीर सिंह, रमेश मेहरा, भाजपा नेता उमेश शारदा, सुखविन्द्र सागर, कपूरथला नगर निगम के डिप्टी मेयर श्रीमती कामाक्षी दुग्गल के पति करन महाजन, कौंसलर हैप्पी के साथ बहुत से अन्य कौंसलर भी शामिल हुए। 

स्वर्गवास – कपूरथला शहर के मशहूर समाज सेवी, कांग्रेस नेता व रोटरी कल्ब के असिस्टैंट गवर्नर सतपाल मेहरा अपने जीवन की सांसे पूरी करते हुए 18 सितम्बर 2026 की सुबह स्वर्ग सिधार गए थे। सतपाल मेहरा की सेहत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी और उनका इलाज चल रहा था। 18-9-2026 की सुबह अस्पताल में सतपाल मेहरा का देहांत हो गया जहां उनका इलाज चल रहा था। बेटों और बहुओं ने इनका बहुत ध्यान रखा और इलाज के लिए समय समय पर तीनों बेटे विदेश से पंजाब आते रहे हैं। बेटी आरती और दामाद विपन ने भी इनकी बहुत सेवा की और इलाज के समय में साथ रहे।

अंतिम संस्कार की रसमें पूरी करते हुए बड़ा बेटा सुनील मेहरा

अंतिम संस्कार में शामिल विधायक राणा गुरजीत सिंह और साथी

जीवन परिचय – 1 अप्रैल 1957 को जन्मे सतपाल मेहरा कपूरथला शहर के नामी परिवारों में शामिल थे। रेल कोच फैक्टरी कपूरथला में सप्लायर और ठेकेदारी काम करते हुए वह रेलवे के लाइकानिंग कांट्रेक्टर बने और रेलवे इंडस्ट्री में अपनी एक विशेष पहचान बनाई। जब रेल कोच फैक्टरी बननी शुरु हुई तो इन्होंने वहां सप्लाई का काम शुरु किया और धीरे-धीरे तरक्की करते हुए रेलवे के बड़े कांट्रेक्टर बन गए। समाज सेवा के कार्यों में वह हमेशा अग्रणीय रहे और वार्ड नं. – 9 से कौंसलर चुने गए। दोबारा सभी पार्टियों के उम्मीदवारों ने इनके नाम पर सहमति दी लेकिन इन्होंने कौंसलर बनने से इन्कार कर दिया और अपने काम पर ध्यान दिया। कश्यप राजपूत/मेहरा समाज से जुड़े और वहां भी अपना नाम बनाया। समाज की संस्थाओं और सभाओं को इन्होंने पूरा समर्थन किया।

परिवार – सतपाल मेहरा अपने माता-पिता देस राज और प्रकाश कौर के सबसे बड़ी संतान हैं। 8-2-1981 को इनकी शादी लोहियां की चरनजीत मेहरा के साथ हुई। प्रमात्मा के आशीर्वाद से घर में तीन बेटे सुनील मेहरा, आकाश मेहरा, राजेश मेहरा और एक बेटी आरती मेहरा पैदा हुए। सभी बच्चे शादीशुदा हैं और अपने परिवारों के साथ एक खुशहाल जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। बड़ा बेटा सुनील अपनी पत्नी मनोरमा मेहरा और दो बेटों के साथ कैनेडा सैटल है, मंझला बेटा आकाश मेहरा अपनी पत्नी राजविन्द्र कौर और एक बेटे व बेटी के साथ इंगलैंड सैटल है जबकि छोटा बेटा राजेश मेहरा अपनी पत्नी सिम्मी मेहरा और बेटे के साथ न्यूकाीलैंड सैटल है। बेटी आरती मेहरा अपने पति विपन मांडीयन व दो बेटों के साथ लुधियाना में सैटल है।

पिछले महीने 26 अगस्त को ही सतपाल मेहरा की धर्मपत्नी श्रीमति चरनजीत कौर का देहांत हो गया था। उनकी रस्म किरया 7 सितम्बर 2026 को कपूरथला के शहनाई पैलेस में हुई। अपनी पत्नी के स्वर्गवास होने के 22 दिन बाद ही सतपाल मेहरा भी दुनिया छोड़ गए।

सतपाल मेहरा के साथ थोड़ा समय पहले स. बलदेव सिंह कैपसन और नरेन्द्र कश्यप

समाजिक जीवन – सतपाल मेहरा एक बहुत ही नेकदिल, मिलनसार और समाजिक व्यक्ति थे। 2009 में वह कपूरथला के वार्ड नंबर 9 से कांग्रेस पार्टी से कौंसलर बने। बहुत सी समाजिक और धार्मिक संस्थाओं से वह जुड़े हुए थे और हमेशा ही हर संस्था को सहयोग करते थे। रोटरी कल्ब के वह पी.एच.एफ. मैंबर थे और 2020 में रोटरी कल्ब कपूरथला के प्रधान बने। इसके बाद वह रोटरी कल्ब के असिस्टैंट गवर्नर बने और बहुत से समाजिक कार्य किए। कश्यप राजपूत/मेहरा समाज में इनका बहुत सराहनीय योगदान रहा। कश्यप क्रांति पत्रिका के मालिक नरेन्द्र कश्यप व श्रीमति मीनाक्षी कश्यप के साथ इनका बहुत प्यार था। कश्यप क्रांति की ओर से करवाए जाने वाले प्रत्येक परिवार सम्मेलन और कार्यक्रम में यह हमेशा विशेष मेहमान रहे और बहुत सहयोग किया। 2023 में हुए परिवार सम्मेलन में यह मुख्य मेहमान बने। रेल कोच फैक्टरी कपूरथला और अन्य जगह होने वाले जागरण में सतपाल मेहरा बहुत बार मुख्य मेहमान रहे। जरुरतमंद परिवारों और गरीब लड़कियों की शादी के लिए वह विशेष तौर सहयोग करते रहे। सभी लोगों से प्यार के साथ मिलना और जरूरतमंदों की मदद करना उनकी विशेष पहचान थी।

उनके स्वर्ग सिधार जाने से जहां परिवार को बहुत बड़ा नुक्सान हुआ है वहीं कश्यप समाज को भी इनके चले जाने से बहुत बड़ा दु:ख पहुंचा है। समाज के प्रत्येक वर्ग समाजिक, धार्मिक और राजनीतिक तौर भी सभी को इनके दुनिया से चले जाने का बहुत दु:ख है। हम कश्यप क्रांति पत्रिका और कश्यप राजपूत वैबसाइट की ओर से सतपाल मेहरा के परिवार के साथ शोक व्यक्त करते हैं और प्रमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि वह दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे और परिवार को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करे।

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